देसीपन




जिस्म हमारा है विदेस में,
पर दिल कहीँ रह गया है देस में...

English तो बोलते हैँ फर्राटेदार हम,
पर गाली देते हैँ हिंदीं में आज भी...

हाँ coffee का स्वाद लाजवाब है,
मगर मसाला चाय से दिन की शुरुआत है...

माना shakira की belly बहुत लचकदार है,
पर थिरकते हैँ हम madhuri के ठुमकों की ताल पे...

बेशक सारी दुनिया फिदा है tom cruise और brad pitt के charm पे,
मगर दिल धड़कता है तो शारुख खान के अंदाज़ पे...

हम कमाते तो हैं डॉलरों में शान से,
पर भाव तोल करते हैं india के हिसाब से...

माना कि jeans और t-shirt में style बहुत खास है,
मगर संवरते हैं साड़ी और बिन्दी से हम आज भी...

चलो माना कि burger और pizza के taste का जवाब नहीं,
पर पेट भरता है तो रोटी सब्ज़ी और अचार से...

हाँ माना कि cakes और pastries में स्वाद बेहिसाब है,
मगर बेसन के लड्डुओं में घर की याद है..

हर बार सोचते हैं office potluck में continental recipe सीख के खिलाएंगे,
पर फिर नज़र पड़ती है sanjeev kapoor की 'तड़के वाली दाल' पे...

चलो माना कि काँटे छुरी से खाने में तहज़ीब है,
पर हाथ से खाकर उँगलियाँ चाटने का अपना ही मज़ा जनाब है...

लोग सब कहते हैं कि देसीपन भरा है हममें कूट कूटके,
भला इसमे क्या हमारा कोई दोष है,
जब दिल में ही देस की तस्वीर हो,
तो कैसे फासले कर सकते हैं हमें india से दूर रे...
जिस्म हमारा है विदेस में,
पर दिल कहीँ रह गया है जी देस में...

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